Saturday, 9 September 2017

KYA PYAAR KAROGE MUJHSE ??

दिल मेरा पूछ रहा है तुझसे,
क्या प्यार करोगे मुझसे मुझसे.


हँसती है ऐसे तू हँसती है
जैसे बहारो मे खिलती कलि
लगती है तू मुझको लगती है
थोड़ी थोड़ी मनचली

पहले से मै तुझपे मरता था
कहने से डरता था यह दास्ता

आंखो मे ख़्वाबो मे नींदो मे
तू थी बसी ओ जानेजा
धड़कन पूछ रही है तुझ से
क्या प्यार करोगे मुझसे मुझसे..


एक पल मे ना जाने ना जाने
बरसो का अफसाना कैसे बना

अनजाना कल था जो अनजाना
आशिक मेरा बन गया
सांसो के घर मे बसूंगी
खुशबू बना के मै तुझ को सनम
चाहूगी तुझको ही चाहूगी
मै ने तो ली है कसम
चाहत पूछ रही है तुझसे


क्या प्यार करोगे मुझसे मुझसे
दिल मेरा पूछ रहा है तुझसे
क्या प्यार करोगे मुझसे मुझसे..

Saturday, 25 February 2017

तुम दिल में रहो

 तुम तुम दिल मे रहो इतना ही बहुत है

मुलाकात कि हमें इतनी भी जरुरत नहीं

Tuesday, 7 February 2017

Girls Thoughts After Marriage

हर लड़की के जीवन में एेसा दिन अाता है जब उसको अपने घर को छोड़ कर किसी दूसरे घर में जाना पड़ता है अौर अपने पति के साथ नई जिंदगी की शुरूअात करनी होती है लेकिन लड़कियां इस खास पल के लिए अपने मन में बहुत से अरमान संजो कर रखती है। जैसे-जैसे शादी का दिन नजदीक अाता है लड़की मन ही मन में हनीमून की प्लानिंग के साथ बहुत सी बातें सोचती है। अाइए जानते है शादी के दिन लड़की के दिमाग में क्या चल रहा होता है।

1.उसका परिवार मुझे पसंद करेंगा?
शादी के दिन लड़की सोचती है कि लड़के के परिवार वाले उसे अपनाएंगे या नहीं। खासतौर पर लड़के का मां उससे घुल-मिलकर रहेंगी जा नहीं?

2. जिंदगीभर का साथ
लड़की सोचती है कि हमारा साथ जिदंगी भर रहें लेकिन यह सब लड़की की ही समझदारी पर निर्भर करता है कि अाप अपनी जिंदगी के मामालों कैसे सुलझाती है।

3. मैं शादी जल्दी तो नहीं कर रही?
हर ल़डकी शादी के दिन सोचती है कि कहीं उसकी शादी जल्दबाजी में तो नहीं हो रही।

4. शादी में इतना खर्च

शादी के दिन तक लडकियां सोचती हैं कि कप़डों, गहनों और मेकअप पर इतना खर्च करने की जरूरत थी। शादी एक बार होती है तो एेसे में सबकुछ बेहतरीन होना चाहिए।

5. अगले घर आराम से रह पाऊंगी

हर ल़डकी को यह डर बहुत सताता है कि वह अगले घर में आराम से रह पाएंगी या नहीं। वहां के लोग उन्हें अपना मानेंगे या नहीं।

Sunday, 22 January 2017

After Marriage How to Close with your Partner

Vaaka_ii kisee anajaan vyakti ke saath sone kee kalpanaa karanaa bhee bahut asahaj karane vaalaa hotaa hai. Lekin arenj mairej men, jahaan do parivaaron ne milakar rishtaa tay karavaayaa hai vahaan suhaagaraat jaise rasm bahut hee asahaj hotee hai. Kyon? Kyonki aap us vyakti se pahale kabhee mile bhee naheen hai. Aapane shaayad unako sirf paarivaarik samaaraahon men dekhaa hee hogaa. Isalie shaadee kee pahalee raat asahaj honaa bahut praakritik hai. Pahalee raat ko aapako sabakuchh karane kee majabooree men naheen rahanaa chaahie. Saath hee jab aap najadeekiyon ko thoḍaa saa ṭaal dete hain to aapake sparsh kee khushee ka_ii gunaa baḍh jaatee hai. Iseelie kisee bhee tarah kee jaldeebaazee naa karen. Samay ke saath ek doosare ke lie lagaav baḍhegaa


Ek doosare ke prati aakarṣaṇa baḍhegaa agar aap khud ko aur apane paarṭanar ko thoḍaa samay denge. Ham yahaan kuchh tareeke bataa rahe hain jisase aap apane paarṭanar ke saath najadeekiyaan baḍhaa sakate hain.

Day1
pahale din, apane paarṭanar ke saath baiṭhakar sirf ṭeevee dekhen. Ek doosare ko samajhane ke lie baaten karen. Aapakaa mukhy uddeshy hai ki aap apane paarṭanar ke baare men jaan saken kyonki shaadee ke pahale aap unase kabhee mile naheen hain.


    
Day2
doosare din, baaten karate vaqt apane paarṭanar ke kndhe par haath rakhen. Isase adhik abhee kuchh bhee n karen. Is sparsh se aap donon ko thodee see najadeekee kaa ehasaas hogaa.

    Day3
teesare din aap apanee paarṭanar ke pairon ko halke se sahalaa_en. Ye ek romaanṭik tareekaa hai. (koshish karen ki aisaa karane se aapakee paarṭanar asahaj naa ho jaa_en)

    
Day4
chauthe din, apanee paarṭanar ko thoḍaa chheden aur takiye se ek doosare ke saath khelen.

    
Day5
ab choonki aap log ek doosare ke kareeb aa gaye hain, ek doosare ko chuṭakule sunaa_en. Agar maukaa mile to apanee paarṭanar ko gudagudee lagaayen.

    
Day6
sone se pahale unake kandhon ko halke se chhuen aur unako pyaar se ‘guḍa naa_iiṭ' kahen.

    
Day7
jab vo khaanaa banaa rahee ho yaa baalakanee men khadee hon, peechhe se jaakar unako gale lagaa len.

    
Day8
jab vo kitaab paḍh rahee hon yaa kisee kaam men vyast hon to ek sharaaratee bachche kee tarah unake gaalon ko choomen aur bhaag jaa_en.

Pyaar Ka Dard Hai

प्यार का दर्द है, मीठा मीठा, प्यारा प्यारा
ये हसीं दर्द ही, दो दिलों का है सहारा

थोड़ा थोड़ा चैन भी है, थोड़ी थोड़ी बेकरारी
और भी हो प्यार जवां, आरजू है ये हमारी
ये मिलन हो दोबारा, प्यार का ...















मुझे मिला प्यार तेरा, तुझे मेरी चाह मिली
नये नये सपनों की, हमें नयी राह मिली
एक अरमां हमारा, प्यार का ...

Vvरोज हमें मिलके भी, मिलने की आस रहें
रोज मिटे प्यास कोई और कोई प्यास रहें
दिल दीवाना पुकारा, प्यार का ...

Saturday, 14 January 2017

Andhe Pyaar Ka Anjaam

उस लड़के से मिलने से पहले मेरे जीवन में कुछ खोखलापन सा था, एक अजीब सा खालीपन था.
जिसे आजतक मेरे अलावा किसी ने महसूस  नहीं किया था.
क्योंकि मैं स्वभाव से बहुत चंचल थी, इस कारण मैं कॉलेज और घर में लोगों से घिरी रहती थी.
इसके बावजूद कि मैं बहुत बोलती थी, मेरे जीवन का एक दूसरा पहलु भी था.
और जीवन के उस हिस्से में आने की इजाजत मैंने किसी को नहीं दी थी.
बाहर से खुश दिखाई देने वाली लड़की जिसे लोग हर पल हसंते-खिलखिलाते देखते थे, उसके बारे में ये अंदाजा तक नहीं लगाया जा सकता था कि वो अंदर से इतनी अकेली होगी, ढेर सारे दर्द अपने भीतर समेटे हुए होगी.
मैंने अपने आस-पास एक घेरा सा बना लिया था.
कोई भी मेरे द्वारा बनाए गए दायरों को नहीं तोड़ सकता था.
मुझे इस बात पर यकिन नहीं हो रहा था कि वो लड़का मेरे बनाए गए दायरों को तोड़कर मेरी सोच में समाता चला जा रहा है.
शुरू-शुरू में उससे बात करना महज एक औपचारिकता थी.
सहपाठी होने की वजह से मेरी और उसकी अक्सर थोड़ी-बहुत बातचीत होती रहती थी.
लेकिन मुझे इस बात का इल्म तक नहीं था कि वो मुझे मन ही मन पसंद करता था, मुझसे दीवानों की तरह प्यार करता था.
ये अलग बात थी कि आज तक उसने इस बात को मेरे सामने कभी जाहिर नहीं होने दिया था.
मुझे छोटी से छोटी तकलीफ होने पर, उसे मुझसे ज्यादा दर्द होता था.
कोई ऐसे भी किसी को चाह सकता है यकीन करने में बहुत वक्त लगा.
लेकिन समय के साथ मुझे इस बात का एहसास  हो  गया कि  ये लड़का मेरी चिंता करता है, मेरा ख्याल रखता है.
उसके प्यार में पागलपन था, मेरी ख़ुशी के लिए वो कुछ भी कर देता था.
उस लड़के ने  बिना इस बात का जिक्र किये कि उसे मुझसे बातें करना अच्छा  लगता है, मेरे साथ वक्त बिताना अच्छा लगता है, बड़ी ही चालाकी से मुझसे दोस्ती के लिए पूछा.
उस दिन हम दोनों कॉलेज जल्दी आ गए थे और क्लास  में कोई नहीं था- ‘’ उसने पूछा क्या मैं तुम्हारा हाथ पकड़ सकता हूँ ‘’.
पहले तो मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि आज इस लड़के को क्या हो गया है ये इस तरह की बातें क्यों कर रहा है.
लेकिन मुझे उसपर पूरा  भरोसा था कि वो कोई गलत काम नहीं करेगा.
उसकी आँखों में सच्चाई थी और ये बात मैं साफ़-साफ़ देख सकती थी.
उस-ने इतनी Honestly मेरा हाथ माँगा  कि मैं उसे मना नहीं कर पाई और मैंने उसे अपना हाथ दे दिया.
उसने मेरा हाथ अपने हाथों में लिया और कहा, क्या तुम मेरी दोस्त बनोगी तुम मुझे अच्छी लगती हो और मैं तुममें एक अच्छा दोस्त देखता हूँ, अच्छा इंसान देखता हूँ और मैं चाहता हूँ कि मैं जिंदगी भर तुम्हारा दोस्त बनकर तुम्हारे साथ रहूँ.’’
उसने(Usne) इतनी ईमानदारी से अपनी इस बात को मेरे सामने रखा कि मैं ना नहीं कर पाई और मैंने हाँ कर दिया.
उस दिन उसने बस इतना हीं कहा और चला गया. मुझसे दोस्ती करने की खुशी मैं साफ़-साफ़ उसके चेहरे पर देख सकती थी.
मुझे ये सोच कर दिन भर बहुत हंसी आ रही कि किस तरह से डरते-डरते उसने मेरा हाथ पकड़ा था.
मैं अच्छी तरह से उसकी कांपती हाथों को महसूस कर सकती थी.
और पूरे दिन उस वाकये को याद करके मुझे हंसी आ रही थी, मैं अकेले में भी बिना बात के हँसे जा रही थी.


मेरे आस-पास रहने वाले लोग ये देख कर समझ गए थे कि जरुर कोई बात है.
अब हम दोनो दोस्त बन गए थे और उसने किसी भी वक्त फोन पर बात करने की इजाजत मांग ली थी.
अब उससे बात करना मुझे भी अच्छा लगने लगा था, मेरे अंदर क्या चल रहा था मुझे समझ में नहीं आ रहा था.
क्यों मैं उसके फोन का इंतज़ार करने लगी थी ? क्यों मैं उसकी ओर खिंची चली जा रही थी ?
शायद  उससे अपनी बातें share करना मुझे अच्छा लगने लगा था.
जब  भी मैं उदास होती किसी को पता चले ना चले उसे पता चल जाता था.
और वह मेरी उदासी को दूर करने का हर संभव प्रयास करता था.


एक दिन उसने मुझसे I Love You कहा, मुझे वक्त लगा… लेकिन मैंने भी अपने प्यार का इजहार कर दिया.
मेरे हर जन्मदिन पर मुझसे ज्यादा खुश होना, मेरे ऊपर हजारों रुपए मना करने के बावजूद खर्च कर देना, वो दीवाना था मेरा.
उसने भी मुझे अपना दीवाना बना लिया था.
बाइक पर अक्सर घूमने निकल जाना, कॉलेज बंक करके फिल्म देखने जाना, ये सब हमें अच्छा लगने लगा था.
उसकी पूरी दुनिया बन गई थी मैं, मेरी पूजा करता था वो.
मेरे लिए किसी से पंगा लेने से पहले बिल्कुल नहीं सोचता था वो.
दिन तेजी से बीतने लगे, हम दोनों दुनिया को भूल चुके थे.
प्यार के उस दौर ने हम दोनों को भीतर से बदल दिया था.
हमने प्यार की ढ़ेरों कसमें खाई, और ढ़ेरों वादे किए.


वक्त ने करवट लिया, मेरे पिताजी ने 20-21 साल की कम उम्र में हीं मेरी शादी पक्की कर दी.
अंदर से मेरा हाल भी बेहाल था, लेकिन वह मुझसे ज्यादा बेहाल था.
वह किसी भी हद तक जाने को तैयार था, मेरा साथ पाने के लिए.
लेकिन मैं जानती थी, कि अगर मैं घर से भाग जाती हूँ तो मेरे घर वालों का जीना मुश्किल हो जाएगा.
कड़े मन से मैंने उसके साथ जाने से इंकार कर दिया.
वह हर दिन सैंकड़ो बार कोशिश करता कि मेरे फैसले को बदल पाए, लेकिन मैं नहीं मानी.
मेरी शादी हो गई, हर कोई खुश था…. उस लड़के के सिवा.
अपनी शादी के बहुत महीनों के बाद मेरी उससे मुलाकात हुई.  उसने अपना हाल बेहाल कर लिया था.
उसने कहा कि वो मुझसे मिलने से पहले भी अकेला था और मेरे जाने के बाद फिर अकेला है.

वो कहता है, कि प्यार की लड़ाई तो वो हार गया है, पर प्यार की जंग जरुर जीतेगा वो.
वो कहता है कि, तुम भले मेरा साथ न दे सको, मेरा प्यार तो मेरे साथ है न.
मेरे प्यार के सहारे उसने जिंदगी में आगे बढ़ने की ठानी है.
उस दिन उसने कहा कि उसका प्यार सच्चा है, इसलिए उसका प्यार कभी उसकी कमजोरी नहीं बनेगा.
मुझे अपनी गलती का एहसास है. क्योंकि मेरा प्यार मुझे ज्यादा दुखी है, मैंने उसकी जिंदगी को बर्बाद कर दिया है.
मैं उस दीवाने के प्यार को सलाम करती हूँ, जिसके पास न मेरा तन है, न मेरा समय न मेरा जीवन पर अब भी वो मुझसे प्यार करता है.


पर उस दिन उसने मुझसे झूठ बोला था, शायद वह बुरी तरह टूट चुका था.
जबकि उसने खुद को बहुत बहादुर दिखाने की कोशिश की थी.
वह लोगों से दूर होता चला गया था, और लोग उससे दूर होते चले गए थे.
बुरे लोगों से दोस्ती कर ली थी उसने. वह शराब, सिगरेट और ड्रग्स का आदि हो गया था.
वह बुरी तरह डिप्रेशन का शिकार हो गया था. और अंत में एक दिन उसने आत्महत्या कर ली.
ये था इस कहानी का अंत.
मैं न तो जीते जी उसके साथ रह पाई न उसके अंतिम समय में मैं उसका साथ निभा पाई.


उस दौर में जी रहे हैं हम जहाँ दुश्मन तो आसानी से पहचाने जाते हैं.
लेकिन सच्चे या झूठे प्यार को पहचानना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है.
Moral message of the story : प्यार कीजिए, लेकिन सोच समझकर.
अंधे प्यार का अंत हमेशा बुरा होता है.
यह मौलिक कहानी आपको कैसी लगी, यह हमें जरुर बताएँ.
आपके सलाहों और सुझावों का हमें इंतजार रहेगा.